LIFO और FIFO क्या हैं?

 



📦 LIFO और FIFO क्या हैं? LIFO और FIFO इन्वेंटरी मैनेजमेंट के तरीके हैं, जो किसी बिजनेस में माल की आवाजाही (खरीद और बिक्री) को ट्रैक करने में मदद करते हैं।

🔄 FIFO (First In, First Out)

  • इसका मतलब है जो माल सबसे पहले खरीदा गया, वो सबसे पहले बेचा जाएगा।
  • ये तरीका खासकर तब इस्तेमाल होता है जब माल जल्दी खराब हो सकता है (जैसे कि खाने-पीने की चीजें)।
  • इससे पुराना स्टॉक पहले निकलता है और इन्वेंटरी ताज़ी बनी रहती है।

उदाहरण: अगर आपने जनवरी में 100 यूनिट खरीदी ₹10 पर और फरवरी में 100 यूनिट ₹12 पर, तो जब आप माल बेचेंगे, तो पहले जनवरी वाला ₹10 वाला स्टॉक जाएगा।

🔁 LIFO (Last In, First Out)

  • इसका मतलब है जो माल सबसे आखिरी में खरीदा गया, वही पहले बेचा जाएगा।
  • ये तरीका आमतौर पर तब अपनाया जाता है जब कीमतें तेजी से बदल रही हों और आप हाल की कीमतों के आधार पर मुनाफा या टैक्स का हिसाब लगाना चाहते हैं।

उदाहरण: उपरोक्त स्थिति में, जब आप बेचेंगे, तो पहले फरवरी वाला ₹12 वाला स्टॉक जाएगा।

Feature

FIFO

LIFO

बिक्री में पहले कौन सा स्टॉक जाता है

पुराना स्टॉक

नया स्टॉक

टैक्स का असर

आमतौर पर ज्यादा मुनाफा दिखता है

आमतौर पर कम मुनाफा दिखता है

कब उपयोगी

नाशवान वस्तुएँ, रोटेशन ज़रूरी

बदलती कीमतों में लाभ लेने के लिए


 अब अकाउंटिंग के एंगल से LIFO और FIFO को थोड़ा गहराई से समझते हैं 💼

📘 FIFO और LIFO का अकाउंटिंग में उपयोग

🧾 1. इन्वेंटरी वैल्यू और खर्च का असर

  • FIFO (First In, First Out):
    • पुराना स्टॉक पहले निकलता है।
    • महंगाई के दौर में, पुरानी कीमत कम होती है लागत कम दिखती है मुनाफा ज़्यादा दिखता है।
    • टैक्स ज्यादा लग सकता है क्योंकि प्रॉफिट ज्यादा दिखता है।
  • LIFO (Last In, First Out):
    • नया स्टॉक पहले निकलता है।
    • महंगाई के दौरान हाल की कीमत ज़्यादा होती है लागत ज्यादा प्रॉफिट कम।
    • टैक्स कम देना पड़ सकता है।

📊 2. फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर प्रभाव

पहलू

FIFO

LIFO

Cost of Goods Sold

पुरानी कीमतों से कम खर्च दिखता है

नई कीमतों से ज्यादा खर्च दिखता है

Gross Profit

आम तौर पर ज़्यादा दिखता है

आम तौर पर कम दिखता है

Inventory Value

हाल की कीमतों पर स्टॉक वैल्यू ज़्यादा

पुरानी कीमतों पर स्टॉक वैल्यू कम

टैक्स प्रभाव

टैक्स ज़्यादा देना पड़ सकता है

टैक्स बचत हो सकती है

🧠 3. कौन-सा तरीका चुनें?

  • अगर बिजनेस स्टॉक जल्दी खराब होने वाला है, तो FIFO बेहतर है।
  • अगर महंगाई से टैक्स में बचत चाहिए, तो LIFO अच्छा साबित हो सकता है।
  • ध्यान रहे: भारत में Accounting Standards (AS-2) के अनुसार आमतौर पर FIFO या Weighted Average Method की सलाह दी जाती है। LIFO का उपयोग टैक्स में मान्य नहीं होता।

 


📦 उदाहरण:

मान लो आपने नीचे दी गई खरीदारी की:

  • जनवरी में 100 यूनिट खरीदी ₹10 प्रति यूनिट पर ₹1000
  • फरवरी में 100 यूनिट खरीदी ₹12 प्रति यूनिट पर ₹1200

अब आप 150 यूनिट बेचते हो

FIFO (First In, First Out)

आप सबसे पहले जनवरी वाला सस्ता स्टॉक निकालोगे।

बेची गई यूनिट

लागत / यूनिट

कुल लागत

100 यूनिट

₹10

₹1000

50 यूनिट

₹12

₹600

कुल लागत

₹1600

  • बचा स्टॉक: 50 यूनिट @ ₹12 ₹600
  • COGS (Cost of Goods Sold): ₹1600

🔁 LIFO (Last In, First Out)

आप सबसे पहले फरवरी वाला महंगा स्टॉक निकालोगे।

बेची गई यूनिट

लागत / यूनिट

कुल लागत

100 यूनिट

₹12

₹1200

50 यूनिट

₹10

₹500

कुल लागत

₹1700

  • बचा स्टॉक: 50 यूनिट @ ₹10 ₹500
  • COGS: ₹1700

🔍 मुख्य अंतर

  • FIFO में लागत कम मुनाफा ज़्यादा टैक्स ज़्यादा
  • LIFO में लागत ज़्यादा मुनाफा कम टैक्स कम